Category Archives: कविता

Post # 33

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गुफ्तगूं

🙂 दिल, छोड़ दे अब ये मासूमियत,

कि शराफ़त का वो ज़माना नहीं रहा..

जिस कारवां को नाज़ होता था तुझ पर,

उस में कोई नादानी का दीवाना नहीं रहा..

कहते हैं सब, होने लगी है शब,

उम्मीद भरा वो दिन सुहाना नहीं रहा..

नकाबों के इस दौर में, हर चेहरे पे पर्दा है,

झूठ कोई, इस सच से अंजाना नहीं रहा..

अपने हैं ख्वाब और जैसे बस ख्वाब ही अपने हैं,

इन में से एक भी बेगाना नहीं रहा..

 

🤔 पर फिर.. वो दिल भी क्या, जिस में,

दुनिया भर के ग़म का ठिकाना नहीं रहा..

नासमझी नहीं रही, मासूमियत नहीं रही,

अपने पराये का अफसाना नहीं रहा |

Post # 18

वो

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अलबेली, अनसुलझी पहेली-सी वो..

पहले झरनो-सी बहती थी,

अब बहने से कतराती है..

पहले खिलखिला कर हंसती थी,

अब हंसने वाली बात पर बस मुस्कुराती है

पहले बखूबी तितलियाँ पकड़ लिया करती थी,

अब रंग देख ललचाती है..

पहले महफ़िल की जान हुआ करती थी,

अब तन्हाइयों से बतियाती है..

क्या करे, किस से अपनी दास्तान कह भी दे वो,

किसी से दिल की बात कहने को तरस जाती है..

यूँ तो कमी नहीं जिंदगी में सुख की और खुशियों की पर,

देखें तो इन का अहसास ही कहाँ कर पाती है..

पहले कितने सपने होते थे उन झील-सी आँखों में,

अब तो बस जब भी मौका मिले उन्हें छलकाती है..

ऐसा आख़िर क्या हो गया है उसे,

ना जाने क्या-क्या सहा, किस दौर से गुज़री होगी वो,

ये सोच कर भी हमारी तो रूह काँप जाती है |

 —

Post # 17

किस ओर..?

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अपने मन के..समंदर के..
तूफ़ां से जैसे खेल रही हूँ मैं..
इस में उलझी वो कश्ती हूँ.. कि जो..
हंस के इस को झेल रही हूँ मैं..

—-

न था कभी बंधन तो कोई..
फ़िर भी न जाने किन गिरहों से ऐसे खुल रही हूँ मैं..
दिल का दरिया कहूं या आंखों में सैलाब, पता नहीं..
बस ये जानती हूं कि जाने अन्जाने इस में घुल रही हूँ मैं..

—-

कौन हूँ और क्या हूँ,
इस अजनबी लम्हे में अपना वजूद ढूंढती हूँ मैं..
बस जो है यही है और यहीं है..
इसी अनचाहे सच को अपना कर..
विलाप कर, थक-हार कर..
भी जाने क्यों चल रही हूँ मैं..
किस ओर बढ़ रही हूँ मैं..
क्या वाकई, अब भी ज़िंदा हूँ मैं?
—-

Post # 15

Not fair, God !

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(This piece of poetry was composed by me about a year ago, imagining a girl talking to God, after losing her love to destiny forever.. Hope you like it)

It was another low phase of life I was going thru…

I was all sad…and negative…and grey and blue…

 —-

God was watching, like always, over me…

He sent me an angel to find and set me free..

 —-

I met him somehow and made him my all..

Just to find out…I’ll soon again get a fall..

 —-

Angel found me awesome and amazing..exactly as I used to be…

He was someone to always let me ‘be’ and…

He too was amazing just exactly as was he…

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For people judged me…senti and fool…and whatever they could…

But he was the one to call me positive...

As I think…only my prince charming wud..

 —-

Soon came a wavy storm and took him away…

And here I am…still sitting on the shore…still looking his way…

 —-

Dear God! this I am saying to you…

If you had to take him from me like this,

Why at all, will you please tell me, him you sent?

And in case this was planned…

At least you must have made a replacement 

 —-

Now where I go from here, God, you only please tell…

As hardly matters to me anymore…whether heaven or hell…

 —-

I would suggest  you…what you did with me, you did..

Don’t ever do this again to anyone…

For playing tricks on people is fine…

But at least you should not do this for just fun..

 —-

You don’t have any idea, God…

Sometimes people can find a soul-mate in the angels you send..

And then you don’t leave them any option..

Except just cry and repent…!!!

—-

Post # 14

प्यारी माँ

Mom

सच है, ईश्वर का वरदान है माँ,

सब बच्चों की जान है माँ,

पर क्या है कि ये है इक्कीसवीं सदी,

और आजकल के बच्चों से परेशान है माँ

—-

हम सब दिन भर फेसबुक करते,

फ़ोन पे कितनी बातें करते,

कैसे बाकी सारे काम सँभालते,

ये सोच कर हैरान है माँ

—-

उन की पीढ़ी रही हमेशा अच्छी,

पर हम वक़्त के साथ बदलते जाते,

अब उन्हें ये कैसे समझाएं,

कि ये तो विधि का विधान है माँ

—-

जानते हैं हम, दिल दुखता है उनका,

जब उनकी बातों पर हम अपने तर्क देते,

पर सच तो ये है न कि

दिल में आप के लिए सम्मान है माँ

—-

क्यों आप हम  सब की चिंता में

खुद को हमेशा भूल ही जातीं,

भगवान् पर भरोसा रखो

वो तो सर्वशक्तिमान है माँ

—-

इस साल मदर्स डे, सिर्फ़ मदर्स डे ही नहीं,

बल्कि 12 मई मेरी माँ का जन्मदिन भी है,

इसलिए इस साल इस दिन,

आप के लिए एक ख़ास ऐलान है माँ

—-

ज़िन्दगी में उतार-चढ़ाव आते-जाते रहेंगे,

हमारा रिश्ता भी खट्टा-मीठा चलता रहेगा,

पर कभी ये ना समझना कि मुझे आप से प्यार नहीं,

क्योंकि आप की एक  दिली मुस्कान पर

ये ज़िन्दगी कुर्बान है माँ

—-

mummy