Category Archives: Me

Post # 20

i Say (2)

कह दो इन लोगों से..ना उलझा करें हम लिखने वालों से..दोस्तों..

कि..हमें तजुर्बा होता है दुनिया भर का..बस मौका ढूंढते हैं ज़ाहिर करने का | 🙂

Post # 18

वो

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अलबेली, अनसुलझी पहेली-सी वो..

—

पहले झरनो-सी बहती थी,

अब बहने से कतराती है..

—

पहले खिलखिला कर हंसती थी,

अब हंसने वाली बात पर बस मुस्कुराती है

—

पहले बखूबी तितलियाँ पकड़ लिया करती थी,

अब रंग देख ललचाती है..

—

पहले महफ़िल की जान हुआ करती थी,

अब तन्हाइयों से बतियाती है..

—

क्या करे, किस से अपनी दास्तान कह भी दे वो,

किसी से दिल की बात कहने को तरस जाती है..

—

यूँ तो कमी नहीं जिंदगी में सुख की और खुशियों की पर,

देखें तो इन का अहसास ही कहाँ कर पाती है..

—

पहले कितने सपने होते थे उन झील-सी आँखों में,

अब तो बस जब भी मौका मिले उन्हें छलकाती है..

—

ऐसा आख़िर क्या हो गया है उसे,

ना जाने क्या-क्या सहा, किस दौर से गुज़री होगी वो,

ये सोच कर भी हमारी तो रूह काँप जाती है |

 —

Post # 10

क्या लिखूं ?

हजारों कौंधते ख़याल ज़ेहन में,

सोच रही थी आज लिखूं..

अरसे बाद ये दिल में आया,

छोड़ के सारे कामकाज लिखूं |

—

पर लिखने बैठी तो उलझ गयी कि

अपने दिल के राज़ लिखूं,

या राजनीति की चहल-पहल में

क्या चल रहा आज लिखूं?

—

कौन से खेल में आज देश को,

फिर हुआ युवाओं पर नाज़ लिखूं,

या..फिर एक नेता को ले कर

किसी घोटाले का हुआ पर्दाफाश लिखूं?

—

विज्ञान में आई कोई नई क्रांति,

खेती के लिए नई खाद लिखूं,

या..युवा पीढ़ी में छा रहे

फिर किसी नए पेय का स्वाद लिखूं?

—

कितनी हत्याएं, दुर्घटनाएं,

कितने रेप हुए आज लिखूं,

या..फिर किसी व्यापारी की एक पहल से

हिल गए तख़्त-ओ-ताज लिखूं?

—

इसी सोच में डूबी थी कि

पल-दो पल को आँख लग गयी |

आँख खुली तो चादर तान ली,

सोचा कुछ दिन बाद लिखूं |

Post # 4

Its me

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An unanswered question,

An unsolved puzzle,

A smile that spreads,

Often even turns heads,

Peace that prevails,

An effort that sometimes fails,

A story thats untold,

Sometimes weak sometimes bold,

But dont judge me herein,

As its just a note to begin.

A new endeavour, a new cause,

Hoping a round of applause,

In the present or in future,

By a reader or a writer,

Or still some other,

Who does actually bother.

Call it a form or a function,

But its just an introduction.

Keep smiling !