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Post # 12
झटपट सुबह के 6 बजेये कैसा शोर ‘हाय राम!’आँख खुली तो हम ने देखाबज रहा था फ़ोन में अलार्म!—-हम ने आँखें मसलीं, करवट बदली,और, 5 मिनट को और सो गए |इस बार जगे तो सन्न रह गए,उफ़! थे पौने 7 हो गए |—-फिर जो हम ने बिस्तर कूद केसरपट दौड़ लगाई थी |मजबूर हुए थे,… Continue reading
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Post # 11
‘ओह माय गॉड!’ फिल्म और मेरा नज़रिया नहीं, आप गलत मत समझिये | यह मेरा नज़रिया इस फिल्म के बारे में नहीं, बल्कि भगवान के अस्तित्व के बारे में है | मैंने बचपन में कहीं एक कहानी पढ़ी थी | वो मेरी ज़िन्दगी की उन कहानियों में से एक रही जो सिर्फ कागज़ के टुकड़ों पर छपे… Continue reading
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Post # 9
Disastrous Subjects At first comes social, It extends and extends, Next is chemistry, No end of its ends. — Now about English, It is always dramatical. And regarding Music? Its something very devotional. — Then we count Drawing, It needs some imaginations, When think about Hindi, We get bored of its explanations. — Then comes… Continue reading
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Post # 8
एक कहानी अभी नई है, नहीं पुरानी, सोने की चिड़िया की कहानी | अनेकों में एकता की निशानी, लाखों वीरों की क़ुरबानी | — एक समय था अंग्रेजों ने, उड़ती चिड़िया को पकड़ा था, ना समझा ना जाना इसको, जंजीरों में जकड़ा था | — वो समझे थे वो जो उनकी, घोर ग़लतफहमी थी, ये कि… Continue reading
