-
Post # 37
A Thank You Letter to Jethani Catchy title? I mean it though. With trending #sharetheload revolution, we have come across many wives acknowledging their husband’s efforts and goodness, we have seen rigid husbands undergoing changes, we have seen husbands trying. You must have read some thank you notes/letters to mother-in-laws too. Yes, every individual deserves… Continue reading
-
Post # 36
जीवन का सच समय वो नदी है, जो बहती जाए, बहती जाए नहीं किसी दरिया में समाए जाने कब किसको बहा ले जाए तन वो पूंजी है, जो यूं तो रूह को है बसाए पर कौन जाने, कौन बताए कब ये किस मिट्टी मिल जाए धन वो मैल है हाथ का जाने कब किस पानी… Continue reading
-
Post # 35
हाँ, मैं गलत हूँ हाँ, मैं लगती ठहरी नदी हूँ, भीतर शायद एक सदी हूँ.. सच है, जीवन एक छलावा.. जो दिखती पूरे होश में है, ऐसी शायद एक मदी हूँ.. बादल की गरज में जो थमी है, हाँ, मैं शायद वही नमी हूँ सच है, पास हूँ तो पूरी नहीं पर दूर हो तो… Continue reading
-
Post # 34
क्या रहा? उस दिन की गुफ्तगूं में जब मैं कह बैठी दिल से –शराफत का ज़माना नहीं रहा,कोई नादानी का दीवाना नहीं रहा दिन सुहाना नहीं रहा,कोई झूठ सच से अंजाना नहीं रहा ये नहीं रहा, वो नहीं रहा फलाना ढिमकाना नहीं रहा.. 😛 दिल ने कुछ देर गौर से सुना, कभी नज़रें मिलायीं, कभी चुरायीं… Continue reading
-
Post # 33
नकाबों के इस दौर में, हर चेहरे पे पर्दा है.. झूठ कोई, इस सच से अंजाना नहीं रहा.. Continue reading
